Krutrim becomes India’s 1st AI unicorn : ओला के फाउंडर भाविश अग्रवाल की नई AI स्टार्टअप कंपनी ‘कृत्रिम’ ने भारतीय उद्यमियों के लिए एक ऊंचाई हांसिल की है। AI स्टार्टअप कृत्रिम भारत की पहली AI यूनिकॉर्न बन गई है और इसके साथ ही भारत को उच्चतम मूल्यांकन वाले AI स्टार्टअप्स में से एक बनने का श्रेय दिलाया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कंपनी की वैल्यूएशन ने 1 बिलियन डॉलर को छूने का रिकॉर्ड बनाया है यानि लगभग ₹11,636 करोड़ हो गया है। जिससे भाविश अग्रवाल को विश्वस्तरीय उद्यमी के रूप में पहचान बनाने का मौका मिला है। तो आइए हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको इसकी पूरी जानकारी देते है।
Bhavish Aggarwal Krutrim AI :
AI की दौड़ में भारत को बड़ी सफलता मिली है। ओला के फाउंडर भाविश अग्रवाल की AI स्टार्टअप कंपनी (Krutim) ने बड़ी सफलता हासिल कर ली है। Krutrim को देश का पहला AI यूनिकॉर्न होने का दर्जा मिल गया है। यह उपलब्धि कृत्रिम को न केवल भारत का सबसे तेज यूनिकॉर्न बनाती है, बल्कि यह देश का पहला एआई यूनिकॉर्न भी बन गया है। भाविश अग्रवाल ने बताया है कि AI स्टार्टअप कृत्रिम को 5 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली है। इसके साथ ही उन्होंने कहा जुटाए गए फंड से कृत्रिम के मिशन को आगे बढ़ाना है।
अग्रवाल ने पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी और कहा इससे न सिर्फ कृत्रिम के इनोवेटिव सॉल्यूशंस की संभावना को बल मिलेगा।
बता दे कि, भाविश अग्रवाल ने साल 2010 में कैब बुकिंग सर्विस ओला की शुरुआत की जो ऐप आधारित थी। इसके बाद उन्होंने साल 2017 में ओला इलेक्ट्रिक नाम से दूसरी कंपनी शुरू की जो ईवी टू व्हीकल्स बनाती है। पिछले साल ही भाविश ने ओला इलेक्ट्रिक के लिए 2400 करोड़ रुपये के निवेश हासिल किया था। सॉफ्टबैंक और टाइगर ग्लोबल जैसी कंपनियां उनके निवेशक है।
एक रिपोर्ट में, भाविश अग्रवाल ने बताया कि भविष्य में ‘कृत्रिम’ एक AI ईकोसिस्टम की रचना के लिए सर्वर और सुपर-कंप्यूटर बनाने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही, लार्ज-लैंग्वेज-मॉडल पर आधारित ‘कृत्रिम’ के लिए डेटा सेंटर भी डेवलप किया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कंपनी ने अपने AI सिस्टम को और भी मजबूत बनाने के लिए कठिनाईयों का सामना करने का संकल्प किया है और भारत को खुद का AI सिस्टम देने का सोचा है।
क्या है कृत्रिम?
साल 2023 में 15 दिसंबर को भाविश अग्रवाल ने भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल ‘कृत्रिम’ लॉन्च किया था। 22 भारतीय भाषाओं की समझ रखने वाले कृत्रिम एक लार्ज लैंगवेज मॉडल है।
‘कृत्रिम’ की खासियत :
कंपनी की ओर से बताया गया है कि ‘कृत्रिम’ कई भाषाओं में एक साथ आसानी से स्विच कर सकता है। इससे ये होगा की आप एक साथ अलग-अलग भाषाओं में इसे कमांड दे सकते है। यह आपको बंगाली कविता, बॉलीवुड फिल्मों की जानकारी और मसाला डोसा की रेसिपी तक आसानी से बता सकता है। कृत्रिम न केवल कई भारतीय भाषाओं को समझ लेता है बल्कि आसानी से उनमें जवाब देने की क्षमता भी रखता है। कंपनी बेंगलुरू में इसका पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है।
कृत्रिम का बीटा वर्जन फरवरी 2024 से लोगों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसकी मदद से AI एप्लिकेशन बनाने के लिए API भी उपलब्ध कराई जाएगी। अब भारत बड़े भाषा मॉडल बनाने की ग्लोबल दौड़ में शामिल हो गया है।
AI मॉडल ‘कृत्रिम’ को दिसंबर में लांच किया गया था :
AI स्टार्टअप कृत्रिम ने लगभह एक महीना पहले ही अपना भाषा मॉडल लॉन्च किया था। कृत्रिम कंपनी का मॉडल केवल भाषाओं तक सीमित नहीं है यह स्टार्टअप डेटा सेंटर विकसित कर रहा है। इसके साथ ही AI ecosystem के लिए सर्वर और सुपर कंप्यूटर बनाने की योजना भी बना रहा है।
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