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Vikramaditya Vedic Clock Features : यहां लगेगी विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी, जानिए कैसे काम करेगी

Vikramaditya Vedic Clock Features : विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उज्जैन में में लगाई गई है और इस घड़ी का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी किया। यह घड़ी बहुत ही खास है क्योंकि इस इस विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में 24 घंटों को 30 मुहूर्तो में बांटा गया और हर एक मुहूर्त का एक धार्मिक नाम है।

Vikramaditya Vedic Clock Features
Vikramaditya Vedic Clock Features

Vikramaditya Vedic Clock Features :

कल 29 फरवरी का दिन बेहद खास था क्योंकि कल प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल रूप से उज्जैन में भारतीय पंचांग या समय गणना प्रणाली पर आधारित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अनावरण किया। अब आपको ये सुनकर तो अजीब ही लग रहा होगा कि प्रधानमंत्री मोदी घड़ी का अनावरण (उद्घाटन) किया। आपको बता दे, यह कोई आम घड़ी नहीं है बल्कि ये वैदिक घड़ी है।

प्रधानमंत्री ने कल घड़ी का अनावरण के साथ इसका डिजिटल ऐप का भी अनावरण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे। साल 2022 में मोहन यादव ने ही इस वैदिक घड़ी के 85 फीट टावर की नींव रखी थी। अब इस घड़ी के बारे में जानने के लिए आप सभी के मन में कई सवाल भी उठ रहे होंगे की आखिर क्या खासियत है इस घड़ी में और ये घड़ी कैसे काम करेगी।

उज्जैन में ही क्यों बनाई गई ये वैदिक घड़ी?

उज्जैन में ये वैदिक घड़ी इसलिए बनाई गई है क्योकि यहां पे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है महाकालेश्वर मंदिर बना हुआ है और उज्जैन हमेशा से ही काल गणना का केंद्र रही है। यहां से कर्क रेखा होकर गुजरती है और इसे मंगल ग्रह का जन्म स्थान भी माना जाता है और इसके साथ ही यहीं से विक्रम संवत की शुरुआत भी हुई थी। बता दे, सनातन धर्म में दिन और तारीख की गणना विक्रम संवत के आधार पे ही होती है। इसलिए यहां पे दुनिया की पहली ऐसी वैदिक घड़ी को 80 फीट ऊंचे टावर पे लगाया गया है और इस घड़ी में बहुत सारे खासियत भी है।

वैदिक घड़ी की खासियत :

उज्जैन में बने इस वैदिक घड़ी की खासियत के बारे में बात करे तो ये इसलिए खास है क्यूकि ये एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय के बीच 30 घंटे का समय बतलाएगी। इसमें इंडियन स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार 60 मिनट के बजाय 48 मिनट का एक घंटे का समय तय किया गया है। इसके साथ ही ये घड़ी वैदिक समय के आधार पर अलग-अलग मुहूर्त भी दिखाएगी।

इस घड़ी के टेक्नीशियन सुनील गुप्ता ने बताया है कि ये घड़ी पुराने समय में जैसे समय और काल की गणना होती थी उसी आधार पे ये घड़ी भी गणना करेगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ये 30 घंटे के वैदिक घड़ी वैदिक गणित के आधार पर काम करती है और आप इस घड़ी से शुभ मुहूर्त भी देख सकते है। आप इस घड़ी को अपने फ़ोन में भी यूज़ कर सकते है।

शुभ मुहूर्त और पंचांग देखने की भी सुविधा :

यह विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐसी घड़ी है जो डिजिटल होगी जिसमे भारतीय काल गणना वैदिक समय, ग्रीमवीच मीन टाइम और इंडियन स्टैंडर्ड टाइम के साथ भारतीय काल गणना वाले विक्रम संवत पंचांग, चंद्रमा की स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, योग, भद्रा, सूर्योदय, सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की भी जानकारी ली जा सकती है।

आपको बता दे, इसे आम बोलचाल की भाषा में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल भी कहा जाता है। इस विक्रमादित्य वैदिक घड़ी में 24 घंटों को 30 मुहूर्तो में बांटा गया है और हर एक मुहूर्त का एक धार्मिक नाम है। इस घड़ी में घंटे, मिनट और सेकेंड की भी सुई लगी रहेगी। इस घडी से मौसम और त्योहार की भी जानकारी प्राप्त होगी।

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