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Uttarakhand Uniform Civil Code Bill Update : यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल क्या है, जानिए इससे जुडी पूरी डिटेल्स

Uttarakhand Uniform Civil Code Bill Update : उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने विधानसभा में Uniform Civil Code Bill पेश कर दिया। यह कानून पास हो जाने के बाद उत्तराखंड आज़ादी के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य हो जाएगा। इस कानून को सबसे पहले रविवार को कैबिनेट में मंजूरी मिल गई थी। उसके बाद इसे सरकार द्वारा मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया था। तो आइए इससे जुड़े पूरी डिटेल्स जानें

Uttarakhand Uniform Civil Code Bill Update
Uttarakhand Uniform Civil Code Bill Update

Uttarakhand Uniform Civil Code Bill Update :

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी Uniform Civil Code Bill कल विधानसभा में पेश कर दिया। इससे पहले भी उन्होंने कहा था की वे चुनकर आते है तो उत्तराखंड में सबसे पहले Uniform Civil Code Bill लाएंगे। जब ये विधयेक पेश कर रहे थे तो उनका ये कहना था कि ये सभी सेक्शंस ऑफ़ सोसाइटी के लिए अच्छा होगा और साथ ही साथ जो प्रधानमंत्री का विशन है सबका साथ सबका विकाश और एक भारत श्रेष्ठ भारत उनके भी विशन को एक तरह से पूरा करेगा।

इससे पहले उत्तराखंड की सरकार ने एक कमिटी का गठन किया था जिसको हेड किया जा रहा था रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई जी के द्वारा और मैं आपको बता दू इसके काफी डिले भी हुआ है और इसको एक्सटेंशन भी दिया गया है और इसके बाद इन्होने फाइनली ये ड्राफ्ट निकाला जो की चार वॉल्यूम में देखने को मिलेगा इसमें टोटल 749 पेजेज है साथ ही साथ इसमें बहुत से लोगो के रिकमेन्डेशन भी आए है मैं आपको बता दू, इसमें 2.33 lakh pieces of written feedback online इस कमिटी के पास आया था। इसके साथ-साथ इस कमिटी ने 70 से ज्यादा public forums जो है वो organize किए गए थे।

साथ ही साथ यहाँ पे जो मीटिंग्स है पैनल मेंबर्स की आपस में एक-एक जो बाते है वो यहाँ पे रिकॉर्ड की गई है, और मैं आपको बता दू 60,000 से ज्यादा लोगो के साथ ये जो पूरा ड्राफ्ट तैयार किया गया है और उसी ड्राफ्ट को आप कह सकते हो बिल के फॉर्म में जो यहाँ पे सरकार ले के आई है उसे विधानसभा से पास होना होगा और उसके बाद गवर्नर के हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद ये Uniform Civil Code उत्तराखंड में लागू हो जाएगा।

अगर ऐसा होता है तो उत्तराखंड देश में दूसरा ऐसा राज्य होगा जो इसको implement करेगा इससे पहले ये Uniform Civil Code बिल गोवा में लागू है। लेकिन अगर हम स्वतंत्र भारत के बाद देखे तो ये पहला राज्य होगा क्योंकि गोवा वाला वो portuguese वाला जो Civil Code चल रहा है वही वो continue कर रहा था।

Uniform Civil Code क्या है?

इसको आसान भाषा में आप समझिए मै आपको बता दू कि, देश भर में क्रिमिनल से रिलेटेड जो laws है वो सभी के लिए एक समान है infact आप civil matters में भी आप देखोगे तो आपको बहुत से चीज़े एक समान मिलेंगी क्योंकि यहाँ पे लगातार amendment लाया जाता है laws में बदलाव किए जाते है लेकिन जो पर्सनल चीज़े है जैसे marriage, divorce, adoption, inheritance and succession ये जो सारी चीज़े है उसके आपको कुछ हद तक अंतर देखने को मिलता है। मतलब की मुस्लिम में कुछ और laws फॉलो किए जाते है और हिन्दू में कुछ और laws फॉलो किए जाते है तो इन सारी चीज़े को एक कानून में लाना उसी को Uniform Civil Code कहा जाता है।

Cm Pushkar Singh Dhami

बिल से जुड़ी अहम जानकारियां :

इस बिल में आपको एक चीज़ और ध्यान देना है कि इस बिल से tribal communities को बाहर रखा गया है क्योंकि tribal communities का कहना था की हमारी एक अलग प्रथा हो रही है हम बहुत लम्बे समय से अपने रीती रिवास को मानते आ रहे है तो हम UCC को मानेंगे नहीं ऐसा उन्होंने कई बार बताया भी था। इसी को ध्यान में रखते हुए आप बिल में देखोगे तो साफ़-साफ़ लिखा है कि किसी भी Scheduled Tribes के ऊपर Uniform Civil Code (UCC) लागू नहीं होगा।

दूसरा बिल में important points लिखा है Live-in-Relationships इसकी चर्चा की गई है। Live-in-Relationships मतलब जो शादी से पहले लड़के और लड़की एक साथ रहते है उसे ये कहा जाता है। तो यहाँ पे इस बिल में इसको बैन नहीं किया गया है बस ये बोला जा रहा है कि आप अगर Live-in-Relationships तो आपके अंदर जो भी registrar आता है उसके पास आपको जा के एक statement submit करना होगा और बताना होगा की आप Live-in-Relationships में रह रहे है। अब इसका कारण ये बताया जा रहा है की मान लो आपकी शादी होती है तो उसके अगर कोई दिक्कत आती है तो आपके legal तरीका से फॉलो किया जा सकता है।

लेकिन Live-in-Relationships कही पे रजिस्टर तो है नहीं इसलिए सरकार कह रही है उसको एक फॉर्मल रूप देने का भले आप शादी करो या न करो लेकिन आपको registrar के पास जा के बताना होगा की आप Live-in-Relationships में रहते है।

इससे क्या होगा की सरकार कही यहाँ पे जो लड़की है वो 18 साल से कम तो नहीं है और साथ ही साथ यह भी देखा जाएगा की आप जिनके साथ Live-in-Relationships में हो वो किसी और के साथ तो कही शादी नहीं कर रखा है। तो ये कुछ चीज़े इससे जांच हो जाएंगी।

इसके आलावा आप Live-in-Relationships रह रहे हो तो आपको एक महीने के अंदर सरकार से बताना होगा। अगर आप Live-in-Relationships रह रहे हो और एक महीने बीत चुका है और इसके बाद सरकार को पता चलता है तो उसके लिए आपके 10,000 तक का जुर्माना और 3 महीने की जेल तक हो सकती है। और अगर आप Live-in-Relationships तोडना चाह रहे हो तो उसके बारे में भी सरकार को बताना पड़ेगा।

तीसरा point है इसमें Polygamy के ऊपर बैन लगा दिया गया है इसका मतलब यह है कि muslim  community में एक से ज्यादा शादी allowed नहीं की जाएगी क्योकि इसको लेकर सरकार का तर्क है कि मुस्लिम महिला इसको लेकर बहुत चिंतित रहती है उनको दर रहता था की उनके पति कही दूसरी शादी न क्र ले तो इसको लेके सरकार इसपे बैन लगाई है।

चौथा पॉइंट है Degree of Prohibited Relationships हिन्दू मैरिज एक्ट में था उसको मुस्लिम कम्युनिटी के ऊपर नहीं लागू किया है। इसके बाद इसमें शादी के लिए आयु men में 21yrs और women में 18yrs ही रहेगी।

पंचमा पॉइंट है Children Born Out of Wedlock इसका मतलब है कि आप Live-in-Relationships में रहते हो और बच्चा हो जाता हो तो उस केस में हमारे कानून में उस बच्चे को illegitimate children कहा जाता है। इसमें बच्चे को किसी भी प्रकार का अधिकार नहीं मिल पता था। तो यहाँ पे इस बिल में illegitimate children वाला concept हटा दिया गया है।

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